Monday, 4 September 2017

RIP to My Beloved Grand Mother

पिछले हफ्ते मेरी नानी जी का निधन हो गया। बड़े बजुर्गों की जीवन मे क्या अहमियत होती है, ये तो वही समझ सकता है, जिसने उनके साथ जीवन गुजारा हो। जो अनुभव 10 किताबों को पढ़ कर भी नहीं मिलता वो किसी सयाने बजुर्ग के साथ 10 मिनट बात कर के मिल जाता है। कई बार लगता है जिंदगी में कई बार इतना बुरा वक़्त आने पर भी अगर हम हताश या निराश नहीं होते, तो शायद इसके पीछे बड़े बजुर्गों की सीख और उनका आशीर्वाद ही है। मेरी नानी जी कई बातें कही करती थी जैसे :

1. जो भी जीवन मे हुआ, हो रहा है या होगा, वो सब तुम्हारे अपने कर्मों का ही नतीजा है, इसके लिए किसी और को दोष मत दो। 
2. कभी जीवन मे बुरा वक़्त आये तो खूब मेहनत करो और साथ में भगवान के आगे अरदास, कि वो इस विपत्ति का संयम से सामना करने में मदद करे और अच्छा समय जल्दी आये, याद रखो, कि बिना मेहनत की भक्ति और बिना भक्ति की मेहनत का असर जल्दी और अधिक नहीं होता। 
3. सदा खुश रहो,अपने दुखों और परेशानियों का ढिंढोरा मत पीटते रहो, सँसार में हर कोई किसी न किसी बात से परेशान है, अगर लगता है सच मे कोई मदद कर सकता है, तो विनम्र होकर विनती करो मगर बिना किसी अपेक्षा के।
4. ईश्वर को किसी खास अवसर पर ही याद मत करो, बल्कि जब भी समय मिले क्यूंकि जिंदगी के बाद दो ही चीजें हमारे साथ जाती हैं, पहली जब हमने किसी जरूरतमंद की मदद की हो और दूसरी जब प्रेम के साथ ईश्वर का स्मरण किया हो। आपकी शिक्षा, नाम, पहचान, धन, सम्पत्ति का ईश्वर की नज़रों में कोई मोल नही। 

कई बार सोचता हूँ कि लोग अपनी समस्याओं को लेकर ढोंगी और पाखंडी बाबाओं के डेरों के चक्कर काटने की जग़ह अपने ही घर के या आस पास के सयाने और अनुभवी बजुर्ग से समाधान मांगें तो जल्दी लाभ होगा। 

इसमें कोई शक नही, जैसे जैसे उम्र बढ़ती जाती है वैसे वैसे ही जिंदगी का तजुर्बा। बहुत सारे अनसुलझे सवालों का जवाब मिलने लगता है, दूसरों के द्वारा किये गए बहुत सारे कार्य और लिए गए निर्णयों का कारण पता चलने लगता है। 

सभी मित्रों को यही सलाह दूंगा कि whatsapp या facebook की virtual और fake दुनिया की जगह, थोड़ा समय अपने बड़े बजुर्गों को भी दें क्यूँकि ये मौका बार बार नहीं मिलता। धन्यवाद। 

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