23 - 24 वर्ष बीत गये, आज भी याद है वो दिन, मुझे एक कम्पनी Join करे हफ्ता हैं हुआ था, मेरे कैरियर की पहली कम्पनी। दोपहर का वक़्त था, हमारा ऑफिस Ground Floor पर ही था, दो लोगों ने ऑफिस मे प्रवेश किया, हलचल मच गयी, MD Sir खुद केबिन से निकल कर आये, उनसे हाथ मिलाया और अपने रूम मे ले गये। तुरन्त office boy को जूस लेने भेजा। मुझे लगा शायद Sir के कोई Relative होंगे, तभी मेरे एक Colleague ने पूछा, पता है कौन है ये लोग ? मैंने कहा नही। तब उसने बताया ये हमारे वार्ड के Excise Inspector हैं। आज के लोगों को तो शायद ये कहानी लगे, पर वो लोग जो 80 के दशक से Business की दुनिया से जुड़ें हैं, वो भली भाँति जानते हैं कि एक समय ऐसा भी था कि Excise Inspectors को शोले के गब्बर सिंह से भी ज्यादा खतरनाक माना जाता था, चाहे आप कितने ही ईमानदार क्यों न हों, फिर भी एक खौफ हमेशा मन में रहता था। सिर्फ Excise ही नही, न जाने कितने तरह के Department थे, जिनके शिंकजे से निकलना नामुमकिन होता था।
फिर समय बदला, डॉ मनमोहन सिंह इस देश के वित्त मंत्री बने । वर्ष 1991. जब Foreign Reserve was only USD 1 Bn, hardly enough for 2 weeks import. Fiscal Deficit 8.5%, Current Account Deficit 3.5%. PM Mr Rao ने पूरा सहयोग दिया और फिर MMS ने परिवर्तन की एक ऐसी लहर चलाई, जिसने वर्षों से चले आ रहे Inspector और Licence राज के खात्मे की शुरुआत की । FDI का स्वरुप ही बदल गया । और लगभग मृत पड़ी अर्थव्यवस्था को एक नया जीवन दिया । भारत विकास की दौड़ मे शामिल हो गया ।
ऐसे महान अर्थशास्त्री और कर्मयोगी को आज 26-09-17 को उनके जन्म दिवस पर याद करते हुए शत शत प्रणाम । ये राष्ट्र आपके योगदान को सदा याद रखेगा । जय हिन्द ।।

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