Sunday, 2 September 2018
Happy Janmashtami
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भगवान श्री कृष्ण के आगमन दिवस की सभी भाई बहनों को हार्दिक शुभकामनायें। श्री कृष्ण की स्तुति मे कुछ पंक्तियाँ :
हर अर्जुन का कृष्ण हूँ मैं
जिस रूप में चाहो
मिलूंगा मैं
जो बन सको राधा
तो प्रेम हूँ मैं
जो बन सको मीरा
तो प्राण हूँ मैं
हर सुदामा का सखा हूँ मैं
हर विदुर का मान हूँ मैं
हर गोपी का श्याम हूँ मैं
हर भक्त का भगवान हूँ मैं
हर ज्ञानी का ज्ञान हूँ मैं
भूत भविष्य और वर्तमान
तीनों कालों का काल हूँ मैं
उत्पनकर्ता पालनकर्ता मुक्तिदाता
त्रिकाल हूँ मैं
सूक्षम कण मे
हर एक क्षण मे
कर्ता भी मै,
कारण भी मैं
परिणाम भी मैं
करो कर्म सरल हिर्दय से
फल की चिंता मुझ पर छोड़ो
अनंत काल से भ्र्मण करती
आत्मा का विश्राम हूँ मैं
इस यात्रा का विराम हूँ मैं
कृष्ण हूँ मै, कृष्ण हूँ मैं।
_/\_ _/\_
Wishing all again a very Happy Janmashtami. May Lord Krishna bestow his blessings on devotees and fill their lives with ever lasting happiness, joy and peace. Thanks.
Wednesday, 1 August 2018
Tuesday, 10 July 2018
The proposed amendments in GST Law
The proposed amendments in CGST Act, 2017, IGST Act, 2017 and the GST (Compensation to States) Act, 2017 are now placed in the public domain.
There is about 46 amendments, mostly law related and in nature of clarifications or correcting drafting errors in earlier law, at some places tax base is extended whereas for some areas it is an attempt to make the law more user friendly like facility to amend/revise return, manufacturer/trader with service upto 10% of turnover or 5 Lacs can also opt for composition scheme. ITC negative list to be reduced, ease of debit/credit notes, cancellation of registration etc.
However many pain areas have not been considered like RCM on URD (Even it is proposed that 9(4) would be applicable only for notified taxpayers in this amendments list), Payment mode to increase, To allow to deposit tax in one common head etc. Learned that on some such issues Council is already working.
You may submit your comments/feedback on the draft proposals for amendments ( https://static.mygov.in/rest/s3fs-public/mygov_153120546651553221.pdf ) in #GST law here:
Sunday, 8 July 2018
Books Everyone Must Read: Book Eleven: The Saint, the Surfer, and the CEO
Books Everyone Must Read: Book Eleven
Book: The Saint, the Surfer, and the CEO
Author: Robin Sharma
आज इन्सान के पास सब कुछ है, धन दौलत, सुख शोहरत, एक हँसता खेलता परिवार, जीवन की हर सुख सुविधा, फिर भी कहीं न कहीं एक अजीब सी बेचैनी, एक अधूरापन और एक अकेलापन - किसलिए ?
आज जिस किताब की मै बात कर रहा हूँ, शायद इस सवाल का जवाब उसमे छुपा है।
आज मनुष्य की प्राथिमकता जीवन का आनन्द भोगने मे नहीं बल्कि दुनिया को प्रभावित कर सके, ऐसी उपलब्धियों का भंडार बनाने मे है, वो उपलब्धियाँ जो उसकी मृत्यु के साथ ही दफ़न कर दी जायेंगी। इन्सान सोचता है, आज काम, बाकि जीवन का आनन्द कल, पर क्या सचमुच कल आयेगा?
जीवन का सबसे महत्वपूर्ण और शायद सबसे कठिन कार्य है - एक संतुलित जीवन जीना। एक ऐसा जीवन जिसमे Work, Family & Friends, Self & Spirituality, and God. इन सबके बीच संतुलन हो, एक संतुष्टि से भरपूर सम्पूर्ण जीवन।
इस कहानी का नायक जो जानलेवा दुर्घटना से मृत्यु के समीप जाकर लौटता है और अपने पिता से उनकी मृत्यु के पश्चात तोफहे मे एक आयोजित यात्रा - जीवन के तीन महान गुरुओं के साथ समय गुजारने का अवसर। और ये यात्रा किस तरह उसकी जीवन के प्रति सोच और जीवन जीने का नजरिया बदलती है। विश्वास करो, क़िताब को पड़ोगे तो खुद को भी नायक का सहयात्री ही समझोगे। जानोगे कि आप अकेले नही हो, किस तरह ब्रह्माण्ड आपको प्रगति के पथ मे ले जाने के लिए आपके जीवन मे विभिन्न परिस्थितों का सृजन करता है।
रॉबिन शर्मा की लगभग सारी किताबें मैंने पढ़ी हैं पर ये बेहतरीन किताबों में से एक है, इस कहानी की सादगी इसे और भी खूबसूरत बनाती है।
इसी विश्वास और शुभकामनाओं के साथ कि ये पुस्तक आपके जीवन को एक नया आयाम देगी, धन्यवाद।
Sunday, 1 July 2018
Saturday, 30 June 2018
HAPPY GST DAY - 2018
कई वर्षों के लम्बे इन्तज़ार के बाद आज से एक साल पहले वो शुभ घडी आ ही गयी थी जब GST प्रचलन मे आया जिसे एक बड़े कर सुधार के रूप मे देखा गया, आरंभिक दौर मे लेखाकारों, कर विशेषज्ञों, व्यवसाइयों सभी के लिए ये परीक्षा की घडी थी, क्यूंकि implement होते ही सरकार के बड़े बड़े दावों की एक एक कर के पोल खुलने लगी। 3 Billion transactions की बात करने वाला server कुछ लाख transactions से ही चरमरा उठा। कई प्रश्न मन में उठते रहे जैसे :
१. काश GSTN TCS या NIC को दिया होता, तो बार बार तकनीकी समस्याऐं उत्त्पन्न न होतीं।
२. काश AJ की जगह कोई युवा और ऊर्जावान व्यक्ति देश का वित्त मंत्री होता तो सारा बोझ अकेले वित्त सचिव हसमुख अधिया को न झेलना पड़ता।
३. काश GST इस सोच के साथ कि सभी करदाता बईमान और निकम्मे हैं और कैसे इनसे ज्यादा से ज्यादा कर वसूला जाये की जगह इस सोच से चालू किया जाता कि किस प्रकार करदाताओं को कर की एक सरल प्रणाली दी जाये, तो शायद नजारा ही कुछ और होता।
Anyway जो हुआ सो हुआ, आज की बात करें तो system ठीक ठाक चल रहा है, (वैसे आज ही Trans -२ को लेकर अनेक करदाता GST Tech पर complaint करते दिखे ), NIC के नियंत्रण मे आने के बाद Eway Bill का Portal भी अच्छा काम कर रहा है। Council की पिछली सभा मे return के simplification की बात already हो चुकी है, ITC भी TDS की तरह सीधा Credit Ledger मे Credit होगा, RCM on URD Purchases 30 सितम्बर 2018 तक के लिये स्थगित हो चूका है, उम्मीद है 2019 के चुनाव के लालच मे इसे ख़तम भी किया जा सकता है, क्यूंकि इससे SME Sector को बहुत नुकसान होने की आशंका है। TDS और TCS Provisions भी 30 सितम्बर 2018 तक के लिये स्थगित हो चुके हैं। इसी उम्मीद के साथ कि अगले साल में और भी बड़े सुधार देखने को मिलेंगे - HAPPY GST DAY TO EVERYONE . THANKS.
Saturday, 9 June 2018
Wednesday, 9 May 2018
साई बाबा की शिक्षायें ( भाग -3 )
साई बाबा की शिक्षायें (भाग -3)
बहुत से लोग साई बाबा को भगवान शिव का अवतार भी मानते हैं। इसका एक कारण ये भी है वह भी शिव की भाँति वैराग्य की मूरत थे और जीवन पर्यन्त भस्म (Holy Ash) से उनका रिश्ता बना रहा - जिसे उनके भक्त और सँसार उदी के नाम से जानता है। इस उदी का संसारिक महत्व तो सर्वविधित है, कितना भी असाध्य रोग हो, यदि पूर्ण निष्ठा के साथ उदी का प्रयोग किया जाये तो बड़े से बड़े रोग और कष्ठों से छुटकारा मिल जाता है। साई बाबा सदा द्वारकामाई (जिस स्थान पर वह रहते थे ), धूनी रमाये रहते थे और इस धूनी से जो भस्म प्राप्त होती थी उसे प्रशाद के रूप मे वितरित किया करते थे। उनका कहना थे - ये जीवन भी इस भस्म की भाँति है, क्षण क्षण जलते हुए अंत भस्मीभूत ही होना है। वह इस प्रकार मानव जीवन और समय के महत्त्व को लोगों तक पहुँचाया करते थे। दुनियावी कार-विहार मे मनुष्य अक्सर अपने जीवन का प्रयोजन भूल जाते हैं और सांसारिक इच्छाओं के पीछे भागते भागते कब जीवन की यात्रा समाप्त हो जाती है, पता ही नही चलता। उदी के माध्यम से साई बाबा यही संदेश दिया करते थे, समय रहते संसारिक बंधनो से मुक्त हो जाओ अन्यथा जन्मों जन्मों तक ये यात्रा युहीं चलती रहेगी। गुरु नानक देव जी की तरह ही साई बाबा भी मोक्ष या मुक्ति पाने के लिये गृस्थि जीवन का त्याग करने की बात नहीं करते थे, बस अपने कर्मों पर ध्यान दो, किसी का बुरा मत करो, ईर्ष्या और मोह दोनों पर नियंत्रण रखो। धन्यवाद।
Sunday, 6 May 2018
Happy World Laughter Day to Everyone
Happy World Laughter Day to Everyone. :)
जिंदगी का एक ऊसुल निभाते चलो
हँसते रहो हँसाते रहो
जिंदगी तो देती है बिछा हर कदम पर कांटे
चोट खाकर भी मुस्कुराते रहो खिलखिलाते रहो
फूलों से अपनी और औरों की राह सजाते रहो
निराशा और दुःख की राहों पर रहोगे सदा अकेले
हँस हँस कर महफ़िलें सजाते रहो
कितने दिन जीना है दुनिया मे, कुछ पता नही
पर "सुख" जितने दिन भी जिओ
हर दिन को यादगार बनाते चलो
हँसते रहो, हँसाते रहो ...................
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