आज की युवा पीढ़ी शायद महान संतों की महिमा से परिचित नहीं होगी, क्यूँकि उन्होंने जो संत देखें हैं , वो या तो अय्याश क़िस्म के बाबा हैं या राजनीतिक दलों के एजेंट पर सभी बाबा या संत ऐसे ढोंगी ही हैं, ये सत्य नही है, बहुत सी ऐसी महान विभूतियों ने इस धरती पर जनम लिया, जिन्होंने अपने पुण्य कर्मो से भारत का नाम विश्व भर मे रोशन किया।
नीम करौली बाबा भी ऐसे ही एक महान संत और हनुमान भक्त हुए हैं, जिनकी आज ४५वीं पुण्य तिथी है। उत्तर और पच्छिमी भारत के लोगों के लिये तो ये नाम नया नहीं है, पर बाकी लोगों को इस महान संत के बारे मे तब पता चला जब Steve Jobs, Mark Zuckerberg, Julia Roberts जैसे बड़े और प्रसिद्ध लोगों ने उनकी कृपा और कैसे उनका जीवन परिवर्तन हुआ का वर्णन किया। हालाँकि इनमे से कोई भी उनसे प्रत्यक्ष रूप से नही मिल सका परन्तु उनके पावन स्थान की ऊर्जा से कैसे इनकी सोच बदली और कैसे बाबा की कृपा ने इन लोगों को अपने अपने कार्य क्षेत्रों मे शिखर को छूने के काबिल बनाया।
कई लोग अध्यात्म और work life को अलग कर के देखते हैं, पर सत्य तो यही है सब कुछ आपस में इस तरह से जुड़ा है कि सही संतुलन जहाँ आपको आपकी मंजिल के करीब लाता है वहीं थोड़ा सा भी असंतुलन हताशा और निराशा की दुनिया में धकेल देता है।
नीम करौली बाबा और संतों की तरह बड़े उपदेश नही दिया करते थे बल्कि अनुयायियों को राम नाम के साथ जोड़ा करते थे। आज बाबा को देह त्याग किये हुए ४५ वर्ष हो चुके हैं पर उनकी ऊर्जा को लोग उनके धाम में आज भी महसूस कर सकते हैं।
आज से कुछ महीने पहले जब मैंने इनके बारे में पढ़ा तो मन में ख्याल आया कि एक बार वो जगह देखनी चाहिये जहाँ से इन लोगों को इतनी कृपा मिली, फिर काम मे busy होकर भूल गया, पर तीन महीने पहले परिवार के साथ शिमला जाने का कार्यक्रम बनाया, पर जल समस्या के कारण नैनीताल जाना पड़ा, पहले दिन टैक्सी की और ड्राईवर से कहा, famous जगहों पे चलो, तो बोला, ६-७ जगह हैं, सबसे पहले हम कैंची धाम चलेंगे, बच्चे पूछने लगे ये कौन सी जगह है पर मै ब्रह्माण्ड की असीमित शक्तियों के बारे मे सोच कर बस मुस्कुरा रहा था।

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